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भारत की सबसे टॉप सर्विस सिविल सेवा के क्षेत्र में जाने का ख्वाब लगभग हर नवयुवक का एक सपना होता है। इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए अमीर से लेकर गरीब माता-पिता अपनी सन्तान को हर सम्भव मद्द करने के लिए प्रतिबद्ध भी रहते है। कि काश कहीं ऐसा हो जाये कि मेरा बेटा-बेटी भी सिविल सेवा में चयनित होकर समाज में मेरा नाम रोशन करें।
1- यदि धनेश और पंचमेश की युति हो तो उच्च पद प्राप्त होता है और जातक आई,ए,एस या पी,सी,एस अधिकारी जरूर बनता है।
2- भाग्येश राज्य भाव में एंव राज्येश भाग्य पर बैठा हो और पंचमेश पंचम या नवम भाव पर या लग्न में बैठा हो तो जातक आई,ए,एस, अधिकारी बनता है।
3- यदि भाग्येश लाभ स्थान में बैठा हो और पंचमेश पंचम भाव पर बैठा हो और सप्तम स्थान पर मंगल बैठा हो तो जातक आई,पी,एस, अधिकारी बनेगा या सेना में सेकेण्ड लैप्टिनेन्ट बन सकता है।
4- यदि जन्माॅग चक्र में पंच महापुरूष, गजकेसरी योग, चन्द्रादि योग, बुधादित्य योग है और भाग्येश, लग्नेश या भाग्येश, पंचमेश की युति केन्द्र या त्रिकोण में हो तो भी जातक आई,ए,एस, अधिकारी बनता है।
कौन से ग्रह व्यक्ति के अंदर प्रशासन में जाने की इच्छा पैदा करते हैं ?
व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की प्रधानता हो तो व्यक्ति के अंदर प्रशासन की इच्छा बलवती होती है. मंगल का प्रभाव भी सेना या फ़ोर्स की इच्छा पैदा करता है. बृहस्पति का प्रबल होना भी शासन का गुण पैदा करता है. 1, 4, और 9 अंक वालों के अंदर शासन की काफी इच्छा देखी जाती है.
कब व्यक्ति प्रशासनिक सेवा में जाता है?
- कुंडली में शनि का प्रभाव होना ही चाहिए
- बुध की स्थिति भी बेहतर होनी चाहिए
- इसके अलावा सूर्य या मंगल भी असरदार होने चाहिए
- राहु या चन्द्रमा का गड़बड़ प्रभाव न हो
प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए क्या उपाय करें?
- नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें
- गायत्री मन्त्र का जप अवश्य करें
- पूर्व दिशा की तरफ सर करके सोएं
- सलाह लेकर एक माणिक्य या पन्ना धारण करें
- रविवार को किसी धर्मस्थान जरूर जाएँ