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Puja, Homa and the Importance of Sankalpa

	 

Rahu in 7th house Puja / राहु सप्तम भाव में पूजा

🪶Rs.2100 - 4100🪶

 

Performing This Puja can confer you with the following benefits: **Remove the negative influence of this Dosha. **Pacify the effects of Ketu and enhance positive thinking. **Help you come out of depression and distorted thinking. **Improvise personal relationship and trust. **Overcome issues of fear and removes negativity from life. **Boost your positive thinking and help you to have an optimistic outlook.


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  • Significance🪶🪶?


    Rahu Shanti Puja Procedure Get up early in the morning and have a bath. Wear clean clothes and take a Rahu Shanti Sankalp to perform the puja with utmost dedication. Then clean the puja place and place the idol or picture of Rahu on a pedestal. Adorn it with a fresh pink cloth. Then do “Kalash Sthapana” near the idol of Rahu. The Kalash contains water on which mango leaves are placed. On top of that, a coconut is placed. Offer flowers, betel leaves, oil lamp, incense sticks, vermillion and sweets, fruits, honey and sugar as Bhog to the Lord. Perform the Aarti and worship the Lord with full devotion. After that Rahu Shanti Havan is performed in which Lord Shiva, Lord Ganesha and Lord Rahu are invoked. The havan is performed by a learned priest. Reciting the Rahu Shanti mantra || Om bhram bhreem bhroum sah rahave namah ||, 18000 times is considered very auspicious. Lastly, donating clothes and food to the poor children on the day of puja helps to make the puja fruitful. Mantras For Rahu Shanti Puja Rahu Shanti Mantra || ॐ रहुवे देवाये शान्तिम, रहुवे कृपाये करोति, रहुअए चमाए अभिलाषित, ॐ रहुवे नमः नमः || || Om Rahuve Devaye Shantim, Rahuve Kripaaye Karoti, Rahuaye Chamaaye Abhilaashat, Om Rahuve Namoh Namah || Rahu Gayatri Mantra ॥ॐ शिरोरूपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नो राहु: प्रचोदयात॥ “Om Shirorupay Vidmahe Amritaishay Dhimahi Tantro Prachodayat” This Mantra should be chanted at dawn, at noon or during the sunset. Rahu Sattvic Mantra ॥ ॐ रां राहवे नम: ॥ ॥ Om ram rahave namah ॥ Rahu Tantrik Mantra: ॥ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: ॥ ॥ Om Bhram Bhreem Bhroum Sah : Rahave Namah॥ Simple Remedies to Getting Rid of Rahu Dosha Perform the Shradh of your dead ancestors timely every year. Chant the mantras related to Rahu 108 times every Monday and Saturday during the Rahu Kaal. Apply Saffron Tilak after worshipping Lord Rahu. Donate clothes and food to the poor and needy on a monthly basis. Do not wear blue-coloured clothes while donating things. Donate a coconut and Gangajal in a nearby temple on every Amavasya. Wearing Ashtamukhi (8) Rudraksha Mala helps to eliminate the inauspicious effects of Rahu.


    Importance of Rahu in 7th house Puja / राहु सप्तम भाव में पूजा🪶🪶


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  • 	राहु और केतु दोष के चलते व्यक्ति के जीवन में अस्थिरता आ जाती है। इससे बने काम भी कभी-कभी बिगड़ जाते हैं। दैनिक पंचांग में राहु काल के समय कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। सनातन शास्त्रों की मानें तो ग्रहण के समय राहु-केतु का प्रकोप रहता है। इसके लिए सूतक और ग्रहण काल में शुभ कार्य करने की मनाही होती है। राहु दोष लगने से बुद्धि भ्रमित हो जाती है। कई अवसर पर राहु-केतु शुभ फलादेश भी देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु और केतु के मध्य सभी शुभ और अशुभ ग्रहों के आ जाने से कालसर्प दोष लगता है। इससे व्यक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। राहु कमजोर रहने पर या विवाह घर में विराजमान होने से जातक की शादी में देर होती है। अगर आप भी राहु दोष से पीड़ित हैं, तो दोष दूर करने के लिए इन आसान उपायों को जरूर अपनाएं-
    
    -ज्योतिषों की मानें तो भगवान शिवजी और विष्णु जी की पूजा करने से राहु-केतु का प्रभाव कम होता है। इसके लिए सोमवार और शनिवार को जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्घ्य दें।
    
    -अगर आप राहु दोष से पीड़ित हैं, तो रोजाना राहु मंत्र ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः। का जाप करें। इस मंत्र जाप से भी राहु दोष से मुक्ति मिलती है।
    
    -जल में कुश डालकर प्रतिदिन स्नान करने से भी राहु दोष से मुक्ति मिलती है।
    
    -ज्योतिषों की मानें तो राहु दोष से पीड़ित व्यक्ति को शनिवार के दिन मीठी चीजों को खाने से परहेज करनी चाहिए।
    
    -गुरुवार के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा आराधना करने से भी राहु दोष का प्रभाव समाप्त होता है।
    
    -रोजाना ॐ नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र जाप से भी राहु-केतु दोष दोष को दूर करने में मदद मिलती है। इसके लिए रोजाना कम से कम एक माला ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप अवश्य करें।
    
    राहु ग्रह शांति पूजा
    राहु को छाया ग्रह कहा जाता है। कई बार देखा जाता है कि जातक की कुंडली में राहु खराब या अशुभ स्थिति में हो तो, जातक को अनेक प्रकार की मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि राहु की अशुभता को दूर करने के लिए राहु शांति पूजा की जाती है। ज्योतिष शास्त्रों अनुसार राहु ग्रह को कठोर वाणी, जुआ, यात्राएँ, चोरी, दुष्ट कर्म, त्वचा के रोग, धार्मिक यात्राएँ, धोखेबाज़ी, आदि का प्रतीक माना जाता है। यह अधार्मिक व्यक्ति, निर्वासित, कठोर भाषणकर्त्ताओं, झूठी बातें करने वाले, मलिन लोगों का द्योतक भी होता है। इसके दुष्प्रभाव से जातक को पेट में अल्सर, हड्डियों और स्थानांतरगमन की समस्याएं आती हैं। राहु व्यक्ति के शक्तिवर्धन, शत्रुओं को मित्र बनाने में महत्वपूर्ण रूप से सहायक होता है। बौद्ध धर्म में भी, राहु को क्रोध देवताओं में से एक माना गया है।
    
    Q1. राहु ग्रह से जुड़ी धार्मिक कथा क्या है?
    पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय स्वरभानु नामक एक असुर ने धोखे से दिव्य अमृत की कुछ बूंदें पी ली थी। जिसे सूर्य देव और चंद्र देव ने पहचान लिया और मोहिनी अवतार में भगवान विष्णु को इस छल के बारे में सूचित किया। स्वरभानु इससे पहले की अमृत को अपने गले से निगल पाता, वहां उपस्थित भगवान विष्णु ने उसका गला अपने सुदर्शन चक्र से काट कर उसके धड़ से अलग कर दिया। परंतु तब तक उसका सिर अमर हो चुका था। इसी सिर ने राहु और धड़ ने केतु ग्रह का रूप लिया, जिसका सूर्य- चंद्रमा से इसी कारण शत्रुता रहती है। इसी द्वेष के चलते छाया ग्रह सूर्य और चंद्र को ग्रहण लगाने का प्रयास करते हैं।
    
    Q2. राहु ग्रह शांति पूजा से क्या लाभ मिलता है?
    इस पूजा को करने से जन्म कुंडली में मौजूद राहु दोष के हानिकारक प्रभाव से जातक को छुटकारा तो मिलता ही है। साथ ही जातक के जीवन में आ रही सभी बाधाओं का अंत भी होता है।
    
    Q3. क्या राहु ग्रह शांति पूजा में मेरी शारीरिक उपस्थिति की आवश्यकता होगी ?
    नहीं, इस पूजा अनुष्ठान की यह सबसे अनोखी सुंदरता यह है कि इसके अनुष्ठान के दौरान आप शारीरिक रूप से अन उपस्थित होते हुए भी, इस पूजा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
    
    Q4. राहु ग्रह शांति पूजन का कुल समय कितना होता है ?
    आमतौर पर इस पूजा को करने में लगभग 5 से 6 घंटे लगते हैं।
    
    Q5. राहु ग्रह शांति पूजन का समय कैसे निर्धारित किया जाता है ?
    पूजा का समय जातक की जन्म कुंडली अनुसार, शुभ मुहूर्त देखकर तय किया जाएगा।
    
    Q6. इस पूजन को कराने लिए क्या-क्या जानकारी होना अनिवार्य होता है ?
    इस पूजन को कराने के लिए, पुरोहित जी यजमान से पूजा से पहले से कुछ जानकारी लेते हैं। जो इस प्रकार है:-
    
    पूरा नाम
    गोत्र
    वर्तमान शहर सहित राज्य, देश, आदि।
    पूजा करने का उद्देश्य - आप पूजा क्यों कर रहे हैं?

    QUICK OVERVIEW🪶🪶


    How it works Rahu Puja is performed with Shodashopachara steps along with chanting traditional Rahu Mantra 18000 times. It also involves the “HOMA” (Havan) ritual wherein, Ghee, Seasam, Barley, and other sacred material related to Lord Rahu will be offered to Agani while reciting 1800 Mantras of Rahu. Yagya is a significant remedy to pacify the evil effect of the planet in our chart and get maximum positive results. Puja will be performed on the nearest best Muhurat i.e Wednesday or on the day of “Rahu Nakshatra”. Performing Rahu Puja can confer you with the following benefits: Ensure relief from sorrows & bondage Save you from unexpected losses and misfortunes Protect you against failure and unexpected ups and downs in career & business Gives clarity about your position in life Reduce uncertainty and frustration Remove the negative impact of Rahu



    Price of this Puja is Approx Rs.2100 - 4100🪶


    आवश्यक सुचना : Vedic Puja ना किसी मंदिर या ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करता है| ना किसी प्रसाद वितरण और निर्माता से जुड़ा हुआ है | हम सिर्फ स्थानीय मंदिर के पुजारियों के द्वारा आपको पूजा की सेवा उपलब्ध कराते है|

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