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Upay | लोहे के पाया का फल एवं उपाय. जातक के जन्म के समय चन्द्रमा ( Moon ) जिस राशि में होता है वह चन्द्र राशि कहलाता है तथा जन्म राशि से शनि ( Saturn ) जिस भी भाव में स्थित होता है उसी के अनुसार शनि के पाया का निर्धारण किया जाता है। अर्थात जातक के जन्म कुण्डली में चन्द्रमा तथा शनि को आधार बनाकर ही शनि के पाया तथा पाया के फलों पर विचार किया जाता है। शनि के चार पाये होते हैं —–
1 .सोना का पाया
2 . चांदी का पाया
3 .तांबा का पाया
4 . लोहे का पाया ।
आइये जानते हैं कि किस प्रकार से जन्म राशि अथवा चन्द्र राशि के अनुसार शनि के पाया की शुभता या अशुभता का निर्धारण किया जाता है।
लोहे के पाया में जन्म | Birth in Iron Paya
किसी भी जातक की जन्मकुंडली में शनि यदि चन्द्र राशि से 4, 8 और 12 अर्थात् चौथे, आठवें या बारहवें स्थान में हो तो यह समझना चाहिए कि आपके पुत्र या पुत्री का जन्म लोहे के पाया में हुआ है। यदि आपके बच्चे का जन्म लोहे के पाया में हुआ है तो यह पाया बच्चा तथा बच्चा के परिवार के लिए शुभ नहीं माना जाता है। लोहे के पाँव में पैदा हुआ बच्चा परिवार के लिए भारी होता है। यही नहीं पिता के लिए बच्चा अनेक प्रकार के कष्ट और कठिनाइयों को लेकर आता है। परिवार में कोई न कोई अप्रिय घटना होती है।
लोहे के पाया का फल | Result of Saturn’s Iron Paya
यदि किसी जातक का जन्म लोहे के पाया में हुआ है तो आपका जीवन में संघर्षमय व्यतीत होगा। अनेक प्रकार के परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। कोई भी कार्य एक बार में या बिना परेशानी के नही पायेगा। आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ेगा। परिवार के सदस्यों के मध्य कोई न कोई समस्या आती ही रहती है। एक समस्या किसी तरह ख़त्म होती है कि दूसरी समस्या आ जाती है। यह स्थिति तब भी आती है जब जातक स्वयं ही अपने भाग्य का निर्माण करने लगता है। व्यवसाय के दृष्टिकोण से भी यह स्थिति अच्छी नहीं होती। व्यवसाय में नुकसान झेलना पड़ता है।
लोहे के पाया वाले जातक का स्वभाव | Nature of Iron Paya
ऐसा व्यक्ति आलसी प्रवृत्ति के होते है ये कोई भी काम तुरंत और तेजी से करना पसंद नहीं करते है । वैसे चालाक किस्म के इंसान होते है। मेहनत करना तथा दूसरो की सेवा करना और अपने श्रम के आधार पर ही जीवन को चलाना मुख्य ध्येय समझते हैं। ऐसा व्यक्ति बहुत प्रभावशाली नहीं होता है यही कारण है की ये जीवन मे कब पैदा हुये और कब मर गये इसका पता भी नहीं चलता।
ऐसा व्यक्ति ज्यादा पढ़ा लिखा नही होता है। वैवाहिक जीवन में भी परेशानी आती है इसका मुख्य कारण इनकी अकर्मण्यता तथा आलसीपन होता है । जातक शराब पीने का शौकीन होता है अर्थात इन्हें कोई न कोई नशे की लत जरूर होता है। इन्हे निम्न वर्ग के लोगो से मित्रता होती है। यही नही व्यवसाय में भी नैतिकता का अभाव देखा गया है। इनका मन जुआ लाटरी सट्टा आदि के क्षेत्र मे अधिक लगता है।
Upay | शनि के लोहे का पाया उपाय
लोहे का छल्ला दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली मे पहनना चाहिए ऐसा करने से पारिवारिक कलह, घर के मतभेद तथा रुके हुए कार्य शीघ्र ही दूर होते है।
लोहे के पाये मे जन्म लेने वाले व्यक्ति को अपने वजन के बराबर का लोहा शनिवार को शनि स्थान मे दान करना चाहिये।
शनिवार के दिन छाया पात्र का दान शनि मंदिर में करना चाहिए।
काली मिर्च का सेवन करना चाहिए।
तुलसी की पत्ती काली मिर्च और नीम की टांची को रोजाना बासी पेट लेने से भी इस पाये का दोष दूर होता है।
गरीब व्यक्ति को चमड़े का जूता दान में देना चाहिए।
दशरथकृत शनि स्तोत्र का नियमित जप करना चाहिए।