Jyotishgherअर्गला स्तोत्र
दुर्गा सप्तशती · प्राचीनश्री अर्गला स्तोत्र | Argala Stotra – Complete Meaning स्तोत्र

श्री अर्गला स्तोत्र

Argala Stotra – The Key to Durga’s Grace

ॐ अर्गला स्तोत्रं सर्वविघ्नविनाशनम् ।
सर्वकामप्रदं दिव्यं सर्वशत्रुक्षयङ्करम् ॥

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॥ अर्गला स्तोत्रम् ॥

देवी महात्म्य से उद्धृत · सप्तशती का प्रथम रत्न

॥ ध्यानम् ॥

ॐ गणेशादि ग्रहोपेता पद्मावति नमोऽस्तुते ।
प्रपन्नार्तिप्रहरण ध्येयं त्वामर्गलां स्तुमः ॥

(ध्यान श्लोक – गणेश, ग्रह, पद्मावती सहित अर्गला का ध्यान)

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः ।
नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणतास्त्वयि ॥ १॥

अर्थ : Salutations to the Goddess, the great Goddess, to the consort of Shiva, always salutations. Salutations to the Primordial Nature, the auspicious one, we bow to you constantly.

सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि ।
गुणाश्रये गुणमयि नारायणि नमोऽस्तुते ॥ २॥

अर्थ : You are the eternal power of creation, preservation, and dissolution. Abode of all qualities, full of qualities, O Narayani, salutations.

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते ॥ ३॥

अर्थ : You are the most auspicious of all auspicious things, O consort of Shiva, fulfiller of all objectives. O refuge, three-eyed Gauri, Narayani, salutations.

शक्तिशक्त्यै नमस्तुभ्यं नमस्ते भक्तवत्सले ।
नमः सम्पत्करि देवि नमो नित्यप्रिये नमः ॥ ४॥

अर्थ : Salutations to the power of powers, to you who loves devotees. Salutations to the bestower of wealth, O eternal beloved, salutations again.

नमो देव्यै महादेव्यै भक्तार्तिहरि वै नमः ।
नमो रूपे महारौद्रे नमः सौम्ये नमो नमः ॥ ५॥

अर्थ : Salutations to the great Goddess who removes devotees' sufferings. Salutations to the fierce form, to the gentle form, salutations again and again.

नमः सर्वेश्वरि त्वं हि शरणागतवत्सले ।
नमो हि करुणे त्वं हि दीनानाथौ नमो नमः ॥ ६॥

अर्थ : Salutations, O supreme ruler, you who love those who surrender. Salutations to the compassionate one, to the protector of the helpless, salutations, salutations.

॥ फलश्रुति ॥

इदं स्तोत्रं पठित्वा तु महास्तोत्रं च यः पठेत् ।
सर्वान्कामानवाप्नोति दुर्गालोकं च गच्छति ॥

One who recites this hymn and then reads the Mahastotra (Devi Mahatmya), attains all desires and reaches the abode of Durga.

अर्गला स्तोत्र का महत्व

अर्गला का अर्थ : 'अर्गला' का शाब्दिक अर्थ है – कुंडी या चाबी। यह स्तोत्र दुर्गा सप्तशती के द्वार खोलने की कुंजी है। बिना अर्गला के सप्तशती पाठ अधूरा माना जाता है।

विशेषता : यह स्तोत्र नौ देवियों (प्रकृति, महादेवी, शिवा, नारायणी, शक्ति, संपत्करी, सौम्य, रौद्र, करुणा) की स्तुति करता है। प्रत्येक नाम से साधक के जीवन के विभिन्न अंगों में सुरक्षा एवं समृद्धि आती है।

विधान : नवरात्रि में प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती के पाठ से पूर्व अर्गला स्तोत्र का पाठ करने से संपूर्ण पाठ का फल कोटि गुना बढ़ जाता है।

ॐ अर्गला स्तोत्रं सर्वसिद्धिप्रदायकम् । यः पठेत् प्रयतो नित्यं स दुर्गालोकमाप्नुयात् ॥