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प्राकृतिक औषधि के गुण

How to do🪶🪶

 

Properties of natural medicine 1. Solar-basil leaves help to remove mucus and reduce cough. It reduces chest discomfort by spreading the airways in the lungs. This gives relief from early respiratory illness. For this you should drink two cups of basil tea daily. Its anti-bacterial components protect your body from viruses.


	 
 

प्राकृतिक औषधि के गुण 1.तुलसी - तुलसी के पत्ते बलगम को हटाने और खांसी को कम करने में मदद करते हैं। यह फेफड़ों में वायुमार्ग को फैलाकर सीने की बेचैनी को कम करते हैं। इससे सांस की बीमारी से भी जल्दी राहत मिलती है। इसके लिए आपको रोजाना दो कप तुलसी की चाय पीनी चाहिए। इसके एंटी-बैक्टीरियल तत्व आपके शरीर को वायरस से बचाते हैं। 2.नीम - नीम के अर्क में मधुमेह यानी डायबिटिज, बैक्टिरिया और वायरस से लड़ने के गुण पाए जाते हैं। नीम के तने, जड़, छाल और कच्चे फलों में शक्ति-वर्धक और मियादी रोगों से लड़ने का गुण भी पाया जाता है। इसकी छाल खासतौर पर मलेरिया और त्वचा संबंधी रोगों में बहुत उपयोगी होती है। 3.शहद - शहद शरीर पर अलग-अलग तरह से असर डालता है, जो इस पर निर्भर करता है कि आप उसका सेवन किस प्रकार करते हैं। अगर शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर पिया जाए तो उसका खून में लाल रक्त कोशिकाओं RBC (Red Blood Cells) की संख्या पर लाभदायक असर पड़ता है। 4.घी - आयुर्वेद के अनुसार घी बहुत लाभदायक होता है। यह शीतल प्रकृति का होता है। यह नसों की कमजोरी को दूर करने वाला और चर्म रोगनाशक है। घी वसा का शुद्ध स्वरुप है, लेकिन इसमें कई महत्वपूर्ण विटामिनों के साथ-साथ बहुत उर्जा भी होती है। 5.एलोवेरा - एलोवेरा के रस में 10 ग्राम करेले का रस मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से डायबिटीज से मुक्ति मिलती है। एलोवेरा के जूस से शरीर में खून की कमी को दूर किया जा सकता है तथा रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है| 6.अश्वगंधा - अश्वगंधा एक प्राकृतिक औषधि है, जो अपने शक्तिवर्धक गुणों के लिए जानी जाती है। शरीर के किसी भी हिस्से में चोट या किसी अन्य कारण से सूजन है तो अश्वगंधा के पत्तों को अरण्ड के तेल में गर्म कर उस जगह पर लगाएं, लाभ होगा। 7.आंवला - आंवला के अंदर ऐसे औषधीय गुण उपलब्ध हैं। जिसके कारण से आंवले का उपयोग बहुत सारे औषधियों के निर्माण में किया जाता है। आंवले के उपयोग से आप अपने बाल को घने लंबे और काले बना सकते हैं। इसमें Vitamin-C और Iron भरपूर मात्रा में पाई जाती है जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है। 8.सेंधा नमक - सेंधा नमक को सैन्धव नमक भी कहा जाता है जिसका मतलब है कि सिंध के इलाके से आया हुआ। ये औषधि की तरह काम करता है जिससे पाचन में सुधार आता है। सेंधा नमक के फायदे पाचन को बढ़ाते है जिससे भूख और गैस में राहत मिलती है। 9.पुदीना - पुदीने को गर्मी और बरसात की संजीवनी बूटी कहा गया है। पुदीने की पत्तियों का ताजा रस नीबू और शहद के साथ समान मात्रा में लेने से पेट की हर बीमारियों में आराम दिलाता है तथा पुदीने का रस कालीमिर्च और काले नमक के साथ चाय की तरह उबालकर पीने से जुकाम, खाँसी और बुखार में राहत मिलती है। 10.जामुन - जामुन स्वाद में खट्टा-मीठा होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। जामुन और आम का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से मधुमेह के रोगियों को लाभ होता है। जामुन के कच्चे फलों का सिरका बनाकर पीने से पेट के रोग भी ठीक होते हैं।



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