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सीने और पेट में तेज जलन

How to do🪶🪶

 

1. Eat fennel There is a burning sensation in the stomach and chest, so it is easy to eat fennel. Fennelly helps to make the food a digesting juice so if you eat a teaspoon fennel after eating every day, then your digestion is fine and there is no problem with burning the chest and stomach. 2. Cumin and lime If there is a sharp irritation in the chest and immediately relax, then add a lemon, 1/2 teaspoon roasted cumin powder and salt in a glass of water. It will immediately relax and heal digestion. If you wish, drink half teaspoon raw cumin seeds chabakar lukewarm water. 3. Do not excessively eat Eating excessively does not require irritation in the chest and stomach. So eat a little bit at times, rather than eating too much food at once, it will ease the stomach to digest food and won't be a problem of irritation. Also use green chili instead of red pepper in the food and avoid more spicy food. 4. Basil leaves If there is a burning sensation, it is relieved to be consumed by Tulsi leaves. Tulsi leaves heal abdominal and chest irritation. For that, 7-8 Basil's fresh leaves break down well and Chabakar the raw. You may wish to boil it in water and also drink water drain. 5. Aloe juice If the chest is often irritating and the digestive complaint persists, aloe juice is extremely rewarding for you. Drink the daily aloe juice for you to eat it one hour before eating. If you are burning fast, you can also drink it for half an hour after eating. 6. Good after eating The main cause of irritation in the chest and abdomen is the juice of the food that is created


	 
 

सीने और पेट में तेज जलन है तो इन उपायों से 5 मिनट में मिलेगी राहत कुछ लोगों को अक्सर सीने में जलन की शिकायत होती है। सीने में जलन के कई कारण हो सकते हैं। ये जलन एसिडिटी, अपच और कम पानी पीने के कारण हो सकती है। कई बार सीने में लगातार तेज जलन कैंसर जैसे गंभीर रोग का संकेत भी होता है। जब हम खाना खाते हैं तो हमारी लार खाने के साथ मिलकर इसे स्टार्च के छोटे-छोटे अणुओं में तोड़ती है। इसके बाद खाना भोजन नली के रास्ते पेट में जाता है, जहां भोजन पचाने के लिए कई तरह के एसिड और तरल पदार्थ बनते हैं। इसमें से एक स्टमक एसिड है। कुछ लोगों में लोवर इसोफैगियल स्फिंक्टर सही से बंद नहीं होता और खुला रह जाता है। जिससे पेट का एसिड वापस बहकर आहार नली में चला जाता है। इसी वजह से हमारे सीने में तेज जलन होने लगती है। लेकिन सीने में जलन की इस समस्या को कुछ आसान घरेलू नुस्खों द्वारा ठीक किया जा सकता है। 1. सौंफ खाएं पेट और सीने में जलन है तो सौंफ खाने से इसमें आराम मिलता है। सौंफ भोजन को पचाने वाला रस बनाने में मदद करता है इसलिए अगर आप रोज खाने के बाद एक चम्मच सौंफ खाते हैं तो आपका पाचन ठीक रहता है और सीने और पेट में जलन की समस्या नहीं होती है। 2. जीरा और नींबू अगर सीने में तेज जलन है और तुरंत आराम पाना है तो एक ग्लास पानी में एक नींबू, आधा चम्मच भुने हुए जीरे का पाउडर और नमक डालकर पी लें। इससे जलन में तुरंत आराम मिलेगा और पाचन ठीक होगा। आप चाहें तो आधा चम्मच कच्चा जीरा चबाकर गुनगुना पानी पी लें। 3. जरूरत से ज्यादा भोजन न करें जरूरत से ज्यादा भोजन करने से भी सीने और पेट में जलन होने लगती है। इसलिए एक बार में बहुत ज्यादा खाना खाने के बजाय कई बार में थोड़ा-थोड़ा खाएं, इससे पेट को भोजन पचाने में आसानी रहेगी और जलन की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा खाने में लाल मिर्च की जगह हरी मिर्च का प्रयोग करें और ज्यादा मसालेदार भोजन से परहेज करें। 4. तुलसी की पत्तियां अगर जलन ज्यादा तेज है तो तुलसी की पत्तियों को सेवन से इसमें राहत मिलती है। तुलसी की पत्तियां पेट और सीने के जलन को ठीक करती हैं। इसके लिए जलन होने पर 7-8 तुलसी की ताजी पत्तियां तोड़कर अच्छी तरह धुल लें और कच्चा ही चबाकर खाएं। आप चाहें तो इसे पानी में उबालकर और पानी छानकर भी पी सकते हैं। 5. एलोवेरा का रस अगर सीने में अक्सर जलन रहती है और पाचन की शिकायत रहती है तो एलोवेरा का जूस आपके लिए बेहद फायदेमंद है। इसके लिए आप खाना खाने से एक घंटा पहले रोज एलोवेरा जूस पियें। अगर आपको तेज जलन हो रही है तो खाने के आधे घंटे बाद भी इसे पी सकते हैं। 6. खाने के बाद गुड़ सीने और पेट में जलन की मुख्य वजह भोजन के पाचन के लिए बनने वाले रस की अनियमितता है। इसलिए इस समस्या से आराम के लिए आप रोजाना भोजन के बाद एक छोटा टुकड़ा गुड़ का चूसें। ध्यान रखें इसे जल्दी-जल्दी खाना नहीं है बल्कि धीरे-धीरे चूसना है। इससे पेट की पाचन क्षमता बढ़ती है और जलन में आराम मिलता है।



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